वो तेरा-मेरा प्यार, सच था या के कोई अफसाना !
मिला तू, फिर न मिला कोई दोस्त-यार न अनजाना !!
तेरा आना बहार था, न हो तुम, सब कुछ है विराना !
वो तेरे प्यार की कसीस थी, की मेरा मिज़ाज-ऐ-आशिकाना !!
तुम मिली तो पराये भी अपने थे, न हो तुम सारा जहां है बेगाना !
कहने को सब बदल गए, कमबख्त! न बदला तू न ये ज़माना !!
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