Collection of my thoughts... weird, most of the time... different aspects of life... on different subject, which interests me... weird, once again... :)
Saturday, October 19, 2019
कह दो जमाने से
Monday, October 7, 2019
मैं जीवनवादी हूँ।
लोग कहते हैं, तुम निराशावादी हो,
मैं कहता हूँ, जी नहीं, जिंदगी का आदी हूँ,
अपनी तमाम कमियों के बावजूद,
मौत का प्रतिवादी हूँ,
जी हाँ, है जिंदगी रहस्य,
तो मैं रहस्यवादी हूँ।
तो क्या तुम आशावादी हो,
अरे कहाँ, कैसे और कब,
साबित कैसे हो,
सबकी अपनी-अपनी आशा,
और आशावाद की परिभाषा,
पल का पता नहीं, कल का क्या कहें,
भविष्य के गर्भ का क्या कहें,
अच्छा भी सोचो कभी!
सही है, पर अच्छा क्या है?
जो हो चुका क्या फर्क,
जो हो रहा, क्यों तर्क,
जो होगा, क्या पता, फिर कैसे अच्छा?
कल, आज और कल में
ज़िन्दगी के दिन गुज़ारता है आदमी,
या ज़िन्दगी आदमी को खरचती है,
घंटा, मिनट व सेकंड की पूंजी लूट रही है,
और गर वो अपने सच में जिये जाए,
कह दे कि आज पे कल की क्या खबर,तौबा!
जी क्या कहूँ मैं किस-वादी हूँ,
मैं सिर्फ जीवनवादी हूँ।
- आनंद ०७/१०/१९