Saturday, August 17, 2019

पिता की स्मृति में...

क्या होता है पिता का गुजर जाना
आत्मबल का क्षराव
बाह्य संबल का अभाव
मानसिक अंग का विलगाव
या कोई छोटा सा घाव।
क्या होता है पिता का गुजर जाना।।

क्या होता है पिता का गुजर जाना
सिर्फ अपने के वियोग से विक्षोभ
या कुछ और आयु का भोग
किसी की कमी का मनोरोग
आत्मा का मुझमें आत्मयोग।
क्या होता है पिता का गुजर जाना।।

क्या होता है पिता का गुजर जाना
एक जिम्मेदारी का एहसास
अपनो से दूर, पर दिलों के पास
रिश्तों को एक नई आस
बीते दिनों की याद, दिल है उदास।
क्या होता है पिता का गुजर जाना।।

क्या होता है पिता का गुजर जाना
रोने को एक कंधे का न होना
मुश्किलों में ढाँढस का खो जाना
दुनिया से लड़ गुजरने की हिम्मत
पर हिम्मत का संयम में परिणत हो जाना
क्या होता है पिता का गुजर जाना।।

क्या होता है पिता का गुजर जाना
किसी अनजान की सशर्त संवेदना
या किसी अपने की ही हृदय वेदना
जिंदगी से लड़ाई, होना या खुद का ना होना
रिश्तों का ढाँढस, अपने साहस का आना
क्या होता है पिता का गुजर जाना।।

- आनंद (१०-०८-२०१९)

ज़िन्दगी से रिश्ता निभाता हूँ

तुमको जो मैं हमेशा हँसता-मुस्कुराता दिखता हूँ,
क्या खूब ये अपना ज़िन्दगी से रिश्ता निभाता हूँ।।
- आनंद (१५-०८-२०१९)

सितमगर का प्यार

तुम कितना ये ज़ुल्म करते
हम प्यार तुमसे क्या करते?
जब तुम मेरे बस में ही नहीं रहते।

ये जब कहते, मैं कहता तो क्या?
तुम्हे कोई प्यार नहीं?
अरे ये प्यार है कोई व्योपार नहीं।

पर तुम तो ठहरे व्योपारी,
आदमी, आदमी कहाँ? वो तो है तरकारी
अजी हाँ, एहि तो है फरमान सरकारी।

रोज़ रोज़ गर्दनों पे ये तुम्हारी छुरी
हम मुर्दा क्या बुरे, ये जीना है बुरी
तुम झटका ही करो, बक्शो मेरी ये हलाली।

हमारी कमज़ोरी, तुम्हारी बलजोरी,
पूरब पूरब ही रहे, तुम कहो पछवारी,
अपना कौन, बिछड़े सभी बारी-बारी।

- आनंद (०९-०८-२०१९)